Facts about Nipah Virus

Hello everyone, today we see some interesting and important facts about the Nipah virus which is found in southeast Asia.

Facts about Nipah Virus

 

1. Nipah Virus is Born from Bat’s which causes Nipah Virus Infection in Humans and Animals.

 

2. Nipah Virus Infection Has a High Mortality Rate.

 

3. Origin of the Nipah Virus is likely in 1947.

 

4. It can be spread from human to human or from animal to human.

5. Nipah Virus is an RNA Type Virus.

 

6. Nipah Virus Infection is first Identified in 1998 in Malaysia.

 

7. The Name of this Virus is on Name of a Village in Malaysia Called Kampung Sungai Nipah.

 

8. Symptoms of this Virus is Like a fever, headache, drowsiness, mental Confusion, respiratory
Issue.

 

9. In the worst Situation of Nipah Virus Infection, Coma Symptoms can occur.

 

10. Nipah Virus First seen in peninsular Malaysia in pig and pig farmers

 

11. Highest Mortality of Nipah Virus found in Bangladesh.

 

12. Nipah Virus Firstly found in Siliguri, India in 2001.

 

13. No Specific Treatment is available for this virus till 2020.

 

Facts about Nipah Virus in Hindi

 

1. निपाह वायरस चमगादड़ से पैदा होता है जो इंसानों और जानवरों में निपाह वायरस के संक्रमण का कारण बनता है।

 

2. निपाह वायरस संक्रमण मृत्यु दर उच्च है।

 

3. निपाह वायरस की उत्पत्ति 1947 में होने की संभावना है।

 

4. यह वायरस इंसान से इंसान या जानवर से इंसान में फैल सकता है।

 

5. निपाह वायरस RNA टाइप का वायरस है।

 

6. निपाह वायरस के संक्रमण की पहचान सबसे पहले 1998 में मलेशिया में हुई थी।

 

7. इस वायरस का नाम मलेशिया के एक गांव कामपुंग सुंगई निपाह के नाम पर रखा गया है।

 

8. इस वायरस के लक्षण बुखार, सिर दर्द, तंद्रा, मानसिक भ्रम, सांस लेने दिक्कत जैसे हो सकते है।

 

9. निपाह वायरस के संक्रमण की सबसे खराब स्थिति में कोमा के लक्षण देखे जा सकते हैं।

 

10. निपाह वायरस पहली बार 1998 में प्रायद्वीपीय मलेशिया में सूअर और सुअर किसानों में देखा गया था।

 

11. बांग्लादेश में निपाह वायरस संक्रमण से सबसे ज्यादा जीवित हानि हुई है।

 

12. निपाह वायरस सबसे पहले 2001 में सिलीगुड़ी, भारत में पाया गया।

 

13. 2020 तक इस वायरस का कोई विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है।